"असली महात्मा तो महात्मा ज्योतिबा फुले ही हैं"
"सम्माननीय ड्यूक दंपति जो चमक, सुन्दर कीमती वस्त्र और हीरे जवाहरात पहने, आमंत्रित अतिथियों को देख रहे है वह असली भारत नहीं है, असली भारत के लोग ग्रामों की झोपड़ियों में बसते हैं जो निहायत गरीब हैं भूखे नंगे हैं।"
महात्मा गांधी

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