"महात्मा ज्योतिबा फुले जिन्होंने हिन्दू समाज की छोटी जातियों को उच्च वर्णों के प्रति उनकी गुलामी की भावना के संबंध ने जागृत किया और जिन्होने विदेशी शासन से मुक्ति पाने से भी अधिक सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना महत्त्वपूर्ण है, इस सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।"
डॉ. भीमराव अम्बेडकर

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